​संक्रमण और बैक्‍टीरिया के कारण गर्भवती महिलाओं को होती है डिस्‍चार्ज की समस्‍या

  • गर्भावस्था में डिस्चार्ज की समस्या के कई कारण हो सकते हैं।  
  • गर्भवती का शरीर गुजरता है कई किस्म के परिवर्तनों से।
  • ज्यादा डिस्चार्ज हो सकता है संक्रमण का संकेत। 
  • डॉक्टर को वेजाइनल डिस्चार्ज के बारे में सूचित जरूर करें।

अकसर महिलाओं को गर्भावस्‍था के दौरान होने वाली समस्‍याओं की जानकारी नहीं होती। और इसी के चलते कई बार वे विचलित भी हो जाती हैं। आप प्रेगनेंट हैं या आपके जानने वाली कोई प्रेगनेंट है, तो आपके लिए भी इन प्रॉब्लम्स को जानना जरूरी है। ऐसी ही एक समस्या गर्भावस्था में डिस्चार्ज की भी है। गर्भावस्था में डिस्चार्ज की समस्या के बहुत से कारण हो सकते हैं। इस लेख के माध्यम से गर्भावस्था के दौरान डिस्चार्ज तथा इसके कारणों के बारे में जानें।  
गर्भवती का शरीर कई किस्म के परिवर्तनों से से गुजरता है। इस परिवर्तनों में से एक पहला परिवर्तन आपको अपनी योनि स्राव में अनुभव हो सकता है। लेकिन आपके लिए यह बहुत जरूरी है कि आप गर्भावस्था के दौरान सामान्य परिवर्तन के बारे में पूरी तरह जागरूक रहें और अपने डॉक्टर को भी किसी भी परिवर्तन की पूरी जानकारी दें।

  • लिक्विड डिस्चार्ज :-

इस स्थिति में योनिमार्ग से पीले या सफेद रंग का लिक्विड निकले तो यह इंफेक्शन का संकेत है। यदि यह डयूडेट के आस-पास हो तो तय है कि लेबर पेन शुरू होने की संभावना है और डिलीवरी नजदीक है। इसका अर्थ यह है कि डिलीवरी तय तारीख से पहले हो सकती है।

  • सामान्य योनि स्राव (वेजाइनल डिस्चार्ज) क्या है:-

गर्भावस्था के दौरान सामान्य वेजाइनल डिस्चार्ज जिसे ल्यूकोरिया कहा जाता है, वह पतला, सफेद, दूधिया और हल्की महक वाला होता है। ल्यूकोरिया पूरी तरह समान्य होता है और इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं होती है।

  • गर्भावस्था के दौरान डिस्चार्ज के कारण :-

गर्भवस्था में आपके शरीर में हुए बदलावों में से एक योनि स्राव में वृद्धि भी है। यदि डिस्चार्ज स्पष्ट या सफेद और गंध से मुक्त है तो इस बात की अधिक संभावना है कि यह गर्भावस्था के हार्मोन के कारण हो रहा है और यह योनि के स्वस्थ होने का संकेत भी है। लेकिन कभी कभी ज्यादा डिस्चार्ज एक संक्रमण का संकेत हो सकता है जो तब होता है जबकि योनि में रहने वाले बैक्टीरिया का प्राकृतिक संतुलन बाधित होता है। 
सामान्य से लेकर अधिक दुर्लभ बैक्टीरियल वेजीनोसिस (बीवी), यीस्ट इन्फैक्शन, ग्रुप बी स्ट्रेप (जीबीएस) तथा ट्राइकोमोनाइसिस नामक ये चार योनि संक्रमण गर्भवती महिलाओं को प्रभावित कर सकते हैं। अच्छी बात तो यह है कि जितनी जल्दी योनि संक्रमण का पता चलता है, डॉक्टरों के लिए इलाज करना उतना ही आसान होता है। सबसे मुश्किल चीज है सामान्य डिस्चार्ज और डिस्चार्ज के बीच फर्क करना जो कि वास्तविक संक्रमण का संकेत होता है।

गर्भावस्था के दौरान क्या नहीं करें 

  • टैम्पोन का प्रयोग (ये योनि में नये कीटाणुओं को पैदा कर सकते हैं)। 
  • डूश (यह सामान्य संतुलन बाधित कर सकते हैं और योनि संक्रमण बन करता है)। 
  • खुद ही निर्धारित कर लेना की यह एक योनि संक्रमण है और इसका आपने आप इलाज करना।

    गर्भावस्था के दौरान क्या करें 

    • यह आप और अधिक आरामदायक बनाता है तो पैन्टी लाइनर्स का प्रयोग करें। 
    •  किसी भी परिवर्तन होने पर तुरंत आपने डॉक्टर को सूचित करें
    • कब करना चाहिए अपने डॉक्टर को वेजाइनल डिस्चार्ज के बारे में सूचित-

    यदि सामान्य गर्भावस्था में डिस्चार्ज के दौरान कोई भी असमान्य परिवर्तन होता है तो अपने डॉक्टर को इसकी जानकारी दें। अपने आप इलाज करने की कोशिश बिल्कुल न करें। यूं तो गर्भावस्था के दौरान स्पोटिंग (तेज स्राव) होना सामान्य है लेकिन इस बारे में डॉक्टर को बता जरूर दें। यदि ऐंठन या दर्द के साथ स्पोटिंग या ब्लीडिंग एक दिन से ज्यादा हो तो भी तत्काल डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।

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